लाइव देवभूमि भारत संवाददाता-हरिद्वार
अंतर्राष्ट्रीय संयोजक रवि पंवार द्वारा बताया गया कि, अंतर्राष्ट्रीय किसान यूनियन™ देश के करोड़ों किसानों की ओर से आपका ध्यान किसानों की लगातार बढ़ती समस्याओं की ओर आकर्षित करना चाहती है। किसान आज बढ़ती उत्पादन लागत, महंगे खाद-बीज, कीटनाशक, डीजल-बिजली, प्राकृतिक आपदाओं, फसलों के उचित मूल्य और समय पर भुगतान जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।
विशेष रूप से गन्ना किसान पूरे चीनी उद्योग की बुनियाद है। किसान के खेत में पैदा हुए गन्ने से चीनी के साथ-साथ शीरा, इथेनॉल, बगास तथा अन्य सह-उत्पादों से भी आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। अतः इस पूरे आर्थिक लाभ में गन्ना किसान की न्यायसंगत हिस्सेदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सरकार द्वारा चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किंतु हमारा मानना है कि केवल FRP निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है। जब चीनी के बाजार मूल्य में वृद्धि होती है और चीनी मिलों की आय एवं लाभ बढ़ता है, तो उसका लाभ उस गन्ना किसान तक भी पहुँचना चाहिए जिसकी मेहनत से यह पूरा उद्योग चलता है।
हमारी प्रमुख मांगें
गन्ना किसानों के लिए बोनस व्यवस्था लागू की जाए—चीनी के बाजार भाव में वृद्धि तथा चीनी मिलों को होने वाले अतिरिक्त लाभ का निश्चित प्रतिशत किसानों को बोनस/लाभांश के रूप में दिया जाए।
चीनी मूल्य से गन्ना मूल्य को जोड़ा जाए—ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बने कि चीनी के दाम बढ़ने पर गन्ना किसान को उसका सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त हो।
इथेनॉल एवं अन्य सह-उत्पादों के लाभ में किसान की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाई जाए।
गन्ने का भुगतान निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य किया जाए तथा देरी होने पर किसान को ब्याज सहित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
किसानों के लिए खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल एवं कृषि बिजली की बढ़ती लागत को देखते हुए कृषि इनपुट पर विशेष राहत/सब्सिडी दी जाए।
नकली खाद, बीज एवं कीटनाशक बेचने वालों के विरुद्ध कठोर कानून बनाकर लंबी सजा एवं भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाए।
प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान की स्थिति में मुआवजा प्रक्रिया सरल एवं पारदर्शी बनाकर किसानों को वास्तविक नुकसान के अनुरूप शीघ्र सहायता दी जाए।
किसानों की फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने तथा कृषि लागत के अनुरूप उनकी आय बढ़ाने के लिए स्थायी राष्ट्रीय नीति बनाई जाए।
माननीय प्रधानमंत्री जी एवं कृषि मंत्री जी,
हमारा स्पष्ट निवेदन है कि जब किसान की उपज से चलने वाले उद्योग की आमदनी बढ़ती है, तो किसान को केवल दर्शक बनाकर नहीं छोड़ा जा सकता। चीनी महंगी होने का लाभ केवल बाजार और मिलों तक सीमित न रहे—उस लाभ में गन्ना किसान का भी अधिकार और हिस्सा सुनिश्चित होना चाहिए।

अतः अंतर्राष्ट्रीय किसान यूनियन™ मांग करती है कि केंद्र सरकार गन्ना किसानों के लिए “चीनी मूल्य आधारित किसान बोनस नीति” बनाने पर गंभीरता से विचार करे और किसानों की उपरोक्त समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित मंत्रालयों को आवश्यक निर्देश जारी करे।









