लाइव देवभूमि भारत संवाददाता-दिल्ली
गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब दिल्ली में हुई देश बचाओ मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक, अंतर्राष्ट्रीय किसान यूनियन की ओर से रवि पंवार एवं डी.एस. रावत ने किया प्रतिभाग
नई दिल्ली। किसानों की समस्याओं और अधिकारों को लेकर देशभर के किसान संगठनों को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब, दिल्ली में देश बचाओ मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंतर्राष्ट्रीय किसान यूनियन™ की ओर से अंतर्राष्ट्रीय संयोजक रवि पंवार एवं राष्ट्रीय महासचिव डी.एस. रावत ने प्रतिभाग किया।
बैठक में देश के विभिन्न किसान संगठनों को एकजुट कर संयुक्त किसान मोर्चे के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव के अनुसार विभिन्न किसान संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ मोर्चे को गति देंगे और किसानों से जुड़े राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर एक साझा रणनीति के तहत आवाज बुलंद करेंगे।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अलग-अलग संगठनों में बंटी किसानों की आवाज को अब एक मजबूत मंच की आवश्यकता है। संगठन अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखते हुए किसानों के साझा मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करेंगे, ताकि सरकार के समक्ष किसानों की मांगों को मजबूती से रखा जा सके।
बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों के हितों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव, भूमि अधिग्रहण एवं उचित मुआवजा, एमएसपी और किसानों के लिए सुनिश्चित बाजार व्यवस्था, छोटे एवं सीमांत किसानों की कर्जमाफी, फसलों का लाभकारी मूल्य तथा किसान-मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
अंतर्राष्ट्रीय किसान यूनियन के अंतर्राष्ट्रीय संयोजक रवि पंवार ने कहा कि किसानों की लड़ाई किसी एक संगठन या व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों अन्नदाताओं के अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है। किसान संगठनों की एकजुटता ही किसानों की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। सरकार के समक्ष किसानों के मुद्दों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी मजबूती के साथ उठाया जाएगा।
बैठक में किसान हितों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर साझा रणनीति बनाकर देशव्यापी स्तर पर संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यक होने पर सभी संगठन एक मंच से व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे।
जय जवान — जय किसान










