प्रदेश के समावेशी विकास और आर्थिक सशक्तीकरण को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने यूपी के प्राथमिक क्षेत्रों में ऋण संभाव्यता विषय पर आज लखनऊ में आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी तथा राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में सहभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यूपी ‘विकसित भारत’ के साथ ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के साथ ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कृषि, एमएसएमई, स्वरोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े प्राथमिक क्षेत्रों में संस्थागत ऋण प्रवाह को सुदृढ़ कर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई।
आज भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है।
पहली बार देश के अंदर आजादी के बाद को-ऑपरेटिव एक मंत्रालय के रूप में कार्य कर रहा है।
सरकार की नीयत साफ हो तो उसके परिणाम भी स्पष्ट दिखाई देते हैं।

MSME सेक्टर बंदी की कगार पर था… हमारी सरकार ने “वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट” के रूप में प्रोत्साहित किया। आज यूपी देश का पहला राज्य है, जो अपने यहां MSME सेक्टर को पांच लाख रुपये की सुरक्षा बीमा का कवर देता है।
उत्तर प्रदेश में ज्यादातर किसान ट्यूबवेल पर निर्भर रहता है। 16 लाख ट्यूबवेल ऐसे हैं, जो बिजली से चलते हैं, उन सभी किसानों को हमारी सरकार फ्री में बिजली दे रही है।
आज उत्तर प्रदेश इथेनॉल उत्पादन में देश में नंबर एक है। देश के कुल गन्ने का 55 प्रतिशत उत्पादन अकेला उत्तर प्रदेश करता है। चीनी उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग खेती में कैसे हो सकता है, इस दिशा में आज अन्नदाता किसान और सरकार मिलकर एक नए प्रयास को आगे बढ़ा रहे हैं।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र जी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में इस बार ‘एआई कृषि प्लेटफॉर्म’ की भी घोषणा की गई है। इस दिशा में हमें इस नए प्रयास को और आगे बढ़ाना चाहिए।








